
भारतीय शेयर बाज़ार में हाल ही में एक बड़ा बदलाव चर्चा में है। SEBI (Securities and Exchange Board of India) ने प्रस्ताव दिया है कि अब Block Deal का न्यूनतम आकार ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹25 करोड़ कर दिया जाए।
इस फैसले का सीधा असर बड़े संस्थागत निवेशकों, HNIs और बाज़ार की पारदर्शिता पर पड़ेगा। लेकिन आम निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है? आइए विस्तार से समझते हैं।
💡 Block Deal क्या होता है? (What is Block Deal?)
- 🔹 न्यूनतम आकार (अभी तक): ₹10 करोड़
- 🔹 लेन-देन की जगह: NSE और BSE की Block Deal Window
- 🔹 उद्देश्य: बड़े सौदों से बाज़ार की कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव रोकना
उदाहरण: मान लीजिए किसी म्यूचुअल फंड को Reliance Industries के ₹20 करोड़ मूल्य के शेयर एक ही बार में खरीदने हैं। अगर वह खुले बाज़ार में खरीदेगा तो कीमत तुरंत बढ़ जाएगी। ऐसे में Block Deal Window से लेन-देन करना बेहतर होता है।
⚖️ SEBI के Naye Rules (Proposed Changes)
- 📈 Block Deal का न्यूनतम आकार: ₹10 करोड़ → ₹25 करोड़
- 🔄 मौजूदा ±1% प्राइस बैंड की समीक्षा
- 🗓️ Public Feedback की अंतिम तारीख: 15 सितंबर 2025
📉📈 Market aur Investors par Asar (Impact)
🏦 बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए
म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और विदेशी निवेशकों के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं।
💼 HNIs और छोटे संस्थानों के लिए
₹10–15 करोड़ की Block Deals करने वाले अब इसमें भाग नहीं ले पाएंगे।
👨👩👦 आम रिटेल निवेशकों के लिए
सीधा असर नहीं होगा, लेकिन उन्हें कीमत की स्थिरता और कम अस्थिरता का फायदा मिलेगा।
💧 लिक्विडिटी पर असर
छोटे सौदों के हटने से Liquidity थोड़ी घट सकती है।
👨💼👩💼 Experts ki राय (Opinions)
🗣️ ICICI Securities Analyst: “अल्पकाल में तरलता प्रभावित होगी, लेकिन दीर्घकाल में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।”
🗣️ Retail Investor Groups: “₹25 करोड़ की सीमा बहुत ज़्यादा है। इससे छोटे संस्थानों की भागीदारी कम होगी।”
🔮 Future Outlook (भविष्य की तस्वीर)
- Block Deals ज़्यादातर केवल बड़े संस्थानों तक सीमित हो जाएंगी।
- भारतीय शेयर बाज़ार और भी ज्यादा Institution-driven बन जाएगा।
- रिटेल निवेशकों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा – बाज़ार ज़्यादा स्थिर होगा।
✅ Conclusion (निष्कर्ष)
SEBI का यह प्रस्ताव बाज़ार में पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भले ही छोटे निवेशकों और HNIs के लिए यह चुनौतीपूर्ण लगे, लेकिन लंबे समय में इससे भारतीय शेयर बाज़ार और मज़बूत, स्थिर और भरोसेमंद बनेगा।
❓ FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. Block Deal क्या है?
👉 एक ऐसा सौदा जिसमें एक ही बार में ₹10 करोड़ या उससे अधिक मूल्य के शेयर खरीदे या बेचे जाते हैं।
Q2. नया नियम क्या कहता है?
👉 Block Deal का न्यूनतम आकार ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹25 करोड़ करने का प्रस्ताव है।
Q3. Retail investors के लिए क्या असर होगा?
👉 सीधे तौर पर कोई असर नहीं होगा, लेकिन उन्हें बाज़ार की स्थिरता का लाभ मिलेगा।
Q4. नियम कब लागू होगा?
👉 यह अभी Consultation Phase में है। अंतिम निर्णय 15 सितंबर 2025 के बाद आएगा।